नई दिल्ली में बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली ऐतिहासिक बैठक, आतंकवाद और साइबर सुरक्षा पर साझा रणनीति

नई दिल्ली: क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत आज राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में बिम्सटेक (BIMSTEC) गृह मंत्रियों की पहली ऐतिहासिक बैठक की मेजबानी कर रहा है। दो दिनों तक चलने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में सदस्य देशों के सामने मौजूद गंभीर सुरक्षा चुनौतियों पर गहन मंथन किया जा रहा है। सम्मेलन के मुख्य एजेंडे में सीमा पार आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, कट्टरपंथ, अवैध वित्तीय लेनदेन और लगातार बढ़ते साइबर खतरों से निपटने की रणनीतियां शामिल हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह सम्मेलन आतंकवाद और संगठित अपराध जैसी जटिल चुनौतियों से एकजुट होकर निपटने के लिए सभी बिम्सटेक देशों के साझा संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी सदस्य देश बेहतर समन्वय, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और मजबूत सहयोग के माध्यम से पूरे बिम्सटेक क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, सुदृढ़ और समृद्ध बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

‘बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल’ (बिम्सटेक) एक प्रमुख क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। संगठन का प्राथमिक लक्ष्य बंगाल की खाड़ी से जुड़े और आसपास के पड़ोसी मुल्कों के बीच आर्थिक विकास, सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को नई गति प्रदान करना है।

इस दो दिवसीय बैठक में बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद व्यक्तिगत रूप से भाग नहीं ले रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति में बांग्लादेश के गृह मामलों के वरिष्ठ सचिव मंजूर मुर्शिद चौधरी के नेतृत्व में एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहा है। इस सम्मेलन के जरिए सदस्य देशों के बीच सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करने पर सहमति बनने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *