उपयोक्ता नाम सुविधा पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का टेलीग्राम को नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब
केंद्र सरकार ने उपयोक्ताओं की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए संदेश सेवा मंच टेलीग्राम को उपयोक्ता नाम सुविधा के संबंध में नोटिस जारी किया है। इससे पहले सरकार इसी मुद्दे पर व्हाट्सऐप की मूल कंपनी मेटा को भी नोटिस भेज चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने टेलीग्राम से पूछा है कि उसके मंच पर उपयोक्ता नाम सुविधा को जारी रखने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए। मंत्रालय ने इस संबंध में कंपनी से 15 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब देने को कहा है।
सरकार को आशंका है कि उपयोक्ता नाम सुविधा का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर लोगों को निशाना बना सकते हैं। इससे ऑनलाइन ठगी, पहचान की धोखाधड़ी, फिशिंग और अन्य साइबर अपराधों की घटनाओं में वृद्धि होने की संभावना है। इसी कारण सरकार इस सुविधा के सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा कर रही है।
इससे पहले सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने व्हाट्सऐप की मूल कंपनी मेटा को भी उसके प्रस्तावित उपयोक्ता नाम सुविधा को लेकर नोटिस जारी किया था। सरकार ने कंपनी से इस सुविधा के संभावित सुरक्षा जोखिमों और दुरुपयोग को रोकने के उपायों की जानकारी मांगी थी।
सरकार का कहना है कि डिजिटल मंचों पर उपयोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सभी प्रमुख संदेश सेवा मंचों के साथ लगातार संवाद कर रहा है, ताकि ऐसी सुविधाओं का संचालन इस प्रकार किया जाए कि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और उपयोक्ताओं की गोपनीयता तथा सुरक्षा सुनिश्चित रहे।



