बगहा: चर्चित विजय सहनी हत्याकांड में 5 दोषियों को आजीवन कारावास, मुख्य आरोपी की सजा पर फैसला 11 सितंबर को
बगहा (पश्चिम चंपारण): बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में बहुचर्चित विजय सहनी अपहरण एवं हत्याकांड में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने मामले में पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी अशोक यादव को भी दोषी ठहराया है, जिसकी सजा के बिंदु पर फैसला 11 सितंबर को सुनाया जाएगा।
यह पूरा मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ था, जिसमें मृतक विजय सहनी की सगी बहन गीता देवी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर भाई की हत्या की साजिश रची थी।
अदालती फैसले और घटनाक्रम से जुड़े मुख्य बिंदु:
- सजा पाने वाले दोषी: अदालत ने अपहरण, हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य मिटाने के जुर्म में गीता देवी, महफूज अंसारी, राजकिशोर महतो, तेतर राम उर्फ साधु और मुशहर को उम्रकैद की सजा सुनाई।
- मुख्य आरोपी पर फैसला लंबित: हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त अशोक यादव को भी अदालत ने दोषी करार दिया है, जिसकी सजा की अवधि का निर्धारण 11 सितंबर को किया जाएगा।
- घटना की पृष्ठभूमि: रामनगर थाना क्षेत्र में 1 मई 2022 की शाम विजय सहनी को पोखरा विवाद सुलझाने के बहाने फोन कर बुलाया गया था, जिसके बाद वह लापता हो गए थे। उनकी पत्नी आशा देवी ने 4 मई 2022 को रामनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
- पुख्ता साक्ष्य और अभियोजन: अभियोजन पक्ष (सरकारी वकील जितेंद्र भारती) ने गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) समेत 24 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर चार साल से अधिक समय बाद यह फैसला आया।
- परिजनों का संतोष: फैसले पर मृतक के परिजनों ने संतोष जताया है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने इसे संपत्ति के लिए अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ा न्यायिक संदेश बताया।



