‘मिसाइल मैन’ डॉ. कलाम की जयंती पर DRDO ने किया नमन, रक्षा तकनीक और राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान को किया याद

नई दिल्ली: भारत के पूर्व राष्ट्रपति और ‘मिसाइल मैन’ के नाम से विख्यात महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस विशेष मौके पर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित डीआरडीओ भवन में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।…

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महानदी डीपवॉटर गैस खोज में आईआईटी-आईएसएम धनबाद के पांच पूर्व छात्रों का कमाल: ड्रिलिंग और जियोलॉजी में निभाई अहम तकनीकी भूमिका

धनबाद (झारखंड): तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) द्वारा ओडिशा तट के पास महानदी डीपवॉटर ऑफशोर बेसिन में की गई हालिया प्राकृतिक गैस खोज में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम), धनबाद के पांच पूर्व छात्रों (एलुमनाई) ने महत्वपूर्ण तकनीकी भूमिका निभाई है। इन युवा विशेषज्ञों ने परियोजना के दौरान ड्रिलिंग, जियोलॉजी और प्रोडक्शन से जुड़ी जिम्मेदारियां…

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AIIMS दिल्ली में देश में निर्मित पहला अत्याधुनिक एंडोस्कोपी सिस्टम EP-6000 स्थापित: मेडिकल उपकरणों में आत्मनिर्भरता को मिला बढ़ावा

नई दिल्ली: देश में मेडिकल उपकरणों के विनिर्माण और स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम उपलब्धि हासिल हुई है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली में स्वदेश निर्मित पहला अत्याधुनिक एंडोस्कोपी सिस्टम ‘EP-6000’ स्थापित किया गया है। फुजीफिल्म इंडिया द्वारा ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अंतर्गत जोधपुर में तैयार किए गए…

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एम्स भोपाल की प्रो. डॉ. भावना शर्मा को मिला बॉम्बे ऑप्थैल्मिक एसोसिएशन का प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक, नेत्र चिकित्सा में उत्कृष्ट योगदान पर सम्मान

भोपाल: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), भोपाल के नेत्र विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. भावना शर्मा को नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें बॉम्बे ऑप्थैल्मिक एसोसिएशन द्वारा उनकी उल्लेखनीय चिकित्सकीय व शैक्षणिक सेवाओं तथा भावी नेत्र चिकित्सकों के मार्गदर्शन के…

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अंतर्राष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड 2026 में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, पांचों छात्रों ने जीता स्वर्ण पदक

नई दिल्ली, 13 जुलाई: कोलंबिया के बुकारामंगा में आयोजित 56वें अंतर्राष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (IPhO) 2026 में भारतीय छात्रों ने इतिहास रच दिया है। इस वैश्विक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी पांच भारतीय छात्रों ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किए हैं। इस शानदार सफलता के साथ भारत ने पदक…

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भारत की बढ़ी सैन्य ताकत: DRDO ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण

नई दिल्ली/चांदीपुर: भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने 8 जुलाई 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से ‘पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट’ (Pinaka LRGR) का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया है। यह परीक्षण भारतीय सेना की मारक…

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आईसीएमआर-एमआईएनडीएस को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस 2026 में गोल्ड अवॉर्ड

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की प्रमुख परियोजना आईसीएमआर-एमआईएनडीएस (ICMR-MINDS) को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नई तकनीकों के उपयोग से नागरिक-केंद्रित सेवाओं में नवाचार श्रेणी के तहत प्रदान किया गया। यह पुरस्कार कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक सुधार…

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भारत ने विकसित किया परमाणु ऊष्मा आधारित विश्व का पहला हाइड्रोजन उत्पादन केंद्र

भारत ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए परमाणु रिएक्टर से प्राप्त ऊष्मा का उपयोग करने वाला विश्व का पहला हाइड्रोजन उत्पादन केंद्र विकसित किया है। परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव अजीत कुमार मोहंती ने तमिलनाडु के कल्पक्कम स्थित इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र में इस अत्याधुनिक संयंत्र का उद्घाटन…

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विज्ञान आधारित विकास को गति देने के लिए उद्योग-शिक्षा जगत साझेदारी मजबूत करने का आह्वान : डॉ. जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली, 14 जून : केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने विज्ञान आधारित विकास को नई गति देने के लिए शोध संस्थानों, उद्योग जगत और स्टार्टअप्स के बीच गहन सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक उपलब्धियों का मूल्यांकन अब केवल शोध…

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एम्स दिल्ली ने भारत की पहली पोर्टेबल एमआरआई मशीन बनाई

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारत की पहली पोर्टेबल एमआरआई मशीन विकसित की है। इस नई तकनीक की मदद से अब गंभीर रूप से बीमार मरीजों की एमआरआई जांच सीधे आईसीयू, आपातकालीन कक्ष और न्यूरोसर्जिकल देखभाल इकाइयों में ही की जा सकेगी। इससे मरीजों को पारंपरिक…

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