‘मिसाइल मैन’ डॉ. कलाम की जयंती पर DRDO ने किया नमन, रक्षा तकनीक और राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान को किया याद
नई दिल्ली: भारत के पूर्व राष्ट्रपति और ‘मिसाइल मैन’ के नाम से विख्यात महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस विशेष मौके पर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित डीआरडीओ भवन में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्थान के महानिदेशकों, निदेशकों, वरिष्ठ अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने डॉ. कलाम की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन और पुष्प अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया।
इस अवसर पर डीआरडीओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक विशेष पोस्ट साझा करते हुए विज्ञान, उन्नत रक्षा तकनीक और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में डॉ. कलाम के अद्वितीय और अमूल्य योगदान को कृतज्ञतापूर्वक याद किया। संस्थान ने अपने संदेश में उल्लेख किया कि डॉ. कलाम द्वारा देखा गया ‘आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त भारत’ का महान सपना आज भी देश भर के वैज्ञानिकों, नवप्रवर्तकों (इनोवेटर्स) और युवा पीढ़ी को निरंतर नई ऊर्जा व प्रेरणा प्रदान कर रहा है।
डीआरडीओ ने आगे कहा कि आज एक मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में होने वाला हर नवाचार, वैज्ञानिक अनुसंधान में हासिल होने वाली हर बड़ी उपलब्धि और हर ठोस प्रयास वास्तव में डॉ. कलाम की गौरवशाली विरासत को जीवित रखता है। डॉ. कलाम ने अपने जीवनकाल में भारत के अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रमों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जिसने देश की रक्षा क्षमताओं को वैश्विक पटल पर मजबूती से स्थापित किया। उनके आदर्श और विचार आज भी रक्षा अनुसंधान से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं।


