अफगान नागरिकों की जबरन वापसी पर भारत ने UNSC में जताई गंभीर चिंता: सुरक्षित हालात और मानवीय सहायता की अपील
नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अफगानिस्तान के नागरिकों की बड़े पैमाने पर हो रही असुरक्षित और गैर-स्वैच्छिक (जबरन) वापसी पर कड़ी चिंता व्यक्त की है। अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति पर आयोजित सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत ने वापस लौटने वाले अफगानों के मानवीय संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने वैश्विक मंच पर आंकड़े रखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
यूएनएससी में भारत के संबोधन से जुड़े मुख्य बिंदु:
- लाखों अफगानों की गैर-स्वैच्छिक वापसी: राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने रेखांकित किया कि वर्ष 2025 में 29 लाख अफगान नागरिक स्वदेश लौटे। इसके अलावा 22 अगस्त 2026 तक 11.5 लाख और अफगान वापस लौट चुके थे, जिनमें अधिकांश की वापसी स्वैच्छिक नहीं थी।
- गंभीर मानवीय चिंता: भारत ने स्पष्ट किया कि 30 लाख से अधिक नागरिकों की असुरक्षित और गैर-सम्मानजनक परिस्थितियों में जबरन वापसी एक अत्यंत गंभीर मानवीय चिंता का विषय है।
- सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल की मांग: भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह वापस लौटने वाले अफगान नागरिकों के लिए सुरक्षित, अनुकूल और सम्मानजनक परिस्थितियां सुनिश्चित करे।
- पर्याप्त मानवीय सहायता की आवश्यकता: भारत ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जमीनी स्तर पर उत्पन्न इस संकट से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया और पर्याप्त मानवीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।


