महानदी डीपवॉटर गैस खोज में आईआईटी-आईएसएम धनबाद के पांच पूर्व छात्रों का कमाल: ड्रिलिंग और जियोलॉजी में निभाई अहम तकनीकी भूमिका

धनबाद (झारखंड): तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) द्वारा ओडिशा तट के पास महानदी डीपवॉटर ऑफशोर बेसिन में की गई हालिया प्राकृतिक गैस खोज में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम), धनबाद के पांच पूर्व छात्रों (एलुमनाई) ने महत्वपूर्ण तकनीकी भूमिका निभाई है। इन युवा विशेषज्ञों ने परियोजना के दौरान ड्रिलिंग, जियोलॉजी और प्रोडक्शन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं।

गैस खोज, तकनीकी ऑपरेशन और संस्थान के योगदान से जुड़े मुख्य बिंदु:

  • गैस भंडार की खोज: ओएनजीसी ने 18 सितंबर को महानदी बेसिन स्थित ‘एमएन-डीडब्ल्यू18-1-एच-डी’ (MN-DW18-1-H-D) वेल में प्राकृतिक गैस मिलने की आधिकारिक पुष्टि की थी।
  • गहराई व तकनीकी आंकड़े: इस वेल में लगभग 1,441 से 1,452 मीटर की गहराई पर प्राकृतिक गैस का भंडार चिन्हित किया गया है।
  • योगदान देने वाले पांच पूर्व छात्र: इस जटिल मल्टीडिसिप्लिनरी ऑपरेशन में आईआईटी-आईएसएम धनबाद के पूर्व छात्र आसिफ एमवी, कुमार अंकित, अनिल कुमार बधाई, बिबेकानंद बारिक और अंकित चौधरी ने तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में योगदान दिया।
  • संस्थान द्वारा सराहना: आईआईटी-आईएसएम धनबाद प्रबंधन ने इस बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि में भागीदारी निभाने पर अपने पांचों पूर्व छात्रों और पूरी ओएनजीसी टीम को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।

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