मंडी: ‘अपना पुस्तकालय’ बना ग्रामीण विद्यार्थियों की सफलता का केंद्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिल रहीं आधुनिक सुविधाएं
मंडी/शिमला: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई ‘अपना पुस्तकालय’ मुहिम ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरी है। पधर उपमंडल के डलाह में लगभग 12 लाख रुपये की लागत से स्थापित इस पुस्तकालय का लाभ उठाकर ग्रामीण छात्र सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में निरंतर सफलता हासिल कर रहे हैं।
27 फरवरी 2025 को शुरू हुए इस पुस्तकालय के माध्यम से छात्रों को अब महंगी पढ़ाई या लाइब्रेरी के लिए मंडी शहर अथवा निजी पुस्तकालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं।
पुस्तकालय की व्यवस्था और सुविधाओं से जुड़े मुख्य बिंदु:
- विद्यार्थियों की सहभागिता: पुस्तकालय में अब तक 115 छात्र-छात्राएं अपना पंजीकरण करा चुके हैं, जबकि प्रतिदिन 50 से 60 विद्यार्थी नियमित अध्ययन के लिए यहां पहुंचते हैं।
- आधुनिक बुनियादी ढांचा: लगभग 12 लाख रुपये की लागत से बने इस केंद्र में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी 500 से अधिक पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं।
- तकनीकी एवं अन्य सुविधाएं: अध्ययनरत छात्रों के लिए कंप्यूटर, हाई-स्पीड वाई-फाई, व्यक्तिगत अध्ययन केबिन (Private Study Cabins), सौर ऊर्जा बैकअप (सोलर बैकअप) और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की समुचित व्यवस्था की गई है।
- स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रभाव: पुस्तकालय अध्यक्ष सोमदत्त ठाकुर तथा तनुजा, निखिल कुमार, अम्बिका व सोनिया सहित अन्य विद्यार्थियों का कहना है कि गांव में ही शांत माहौल और जरूरी संसाधन मिलने से उनका समय और धन दोनों बच रहे हैं।


