केदारनाथ पैदल मार्ग पर बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन: चीरबासा भूस्खलन क्षेत्र में फंसे करीब 1,500 तीर्थयात्री सुरक्षित निकाले गए, गौरीकुंड पहुंचाए गए
रुद्रप्रयाग/देहरादून: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के कारण फंसे करीब डेढ़ हजार (1,500) तीर्थयात्रियों को राहत एवं बचाव दलों ने सुरक्षित निकाल लिया है। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और जिला आपदा प्रतिवादन बल (DDRF) की संयुक्त टीमों ने रातभर चले सघन अभियान के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित गौरीकुंड पहुंचाया।
रेस्क्यू ऑपरेशन, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े मुख्य बिंदु:
- चीरबासा क्षेत्र में फंसे थे श्रद्धालु: केदारनाथ पैदल मार्ग पर स्थित चीरबासा हेलीपैड के पास अचानक भारी भूस्खलन होने से भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया था, जिससे लगभग 1,500 यात्री मार्ग में फंस गए।
- देर रात शुरू हुआ बचाव अभियान: जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और डीडीआरएफ के बचाव दल आवश्यक उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।
- पत्थर गिरने के बीच सुरक्षित निकासी: पहाड़ी से लगातार गिरते बोल्डर और मलबे के खतरे के बीच जवानों ने सतर्कता बरतते हुए तीर्थयात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित भूस्खलन क्षेत्र से पार कराया।
- सभी यात्रियों को गौरीकुंड भेजा गया: संकटग्रस्त क्षेत्र से निकाले जाने के बाद सभी श्रद्धालुओं को सकुशल गौरीकुंड की ओर रवाना कर दिया गया, जहां उनके ठहरने व अन्य प्रबंध किए गए हैं।


