आकाशवाणी ने 90वें स्थापना वर्ष पर ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ का शुभारंभ किया
आकाशवाणी ने अपने 90वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में तथा वर्ष 2027 में भारत में रेडियो प्रसारण के शताब्दी वर्ष के आयोजन की तैयारियों के तहत नई दिल्ली स्थित आकाशवाणी भवन के रंग भवन सभागार में ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ नामक विशेष फोटो गैलरी का शुभारंभ किया। इसका उद्घाटन पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने किया।
यह गैलरी आकाशवाणी और भारतीय संगीत जगत के महान कलाकारों के बीच दशकों पुराने संबंधों को समर्पित है। लगभग नौ दशकों से आकाशवाणी देश की समृद्ध संगीत परंपरा के संरक्षण और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस पहल का उद्देश्य उन महान कलाकारों को सम्मान देना है, जिन्होंने आकाशवाणी के साथ जुड़कर भारतीय संगीत को नई पहचान दिलाई और देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित हुए।
पहले चरण में 20 महान संगीत विभूतियों के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें भारत रत्न से सम्मानित एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी, पंडित रविशंकर, लता मंगेशकर, उस्ताद बिस्मिल्लाह खां, पंडित भीमसेन जोशी और डॉ. भूपेन हजारिका सहित पद्म विभूषण एवं पद्म भूषण सम्मानित कई दिग्गज कलाकार शामिल हैं।
प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने कहा कि यह पहल उन कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रयास है, जिनके योगदान से आकाशवाणी देश की प्रमुख सांस्कृतिक संस्था बनी। उन्होंने बताया कि आगामी चरणों में और अधिक महान कलाकारों के चित्र शामिल किए जाएंगे तथा देशभर के आकाशवाणी केंद्रों पर स्थानीय संगीत विभूतियों को समर्पित ऐसी ही गैलरियां भी विकसित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि आकाशवाणी आज भी भारतीय संगीत परंपरा को सशक्त मंच प्रदान कर रही है। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के लिए ‘रागम’ तथा भक्ति संगीत के लिए ‘आराधना’ डिजिटल चैनल यूट्यूब, न्यूज़-ऑन-एयर ऐप और वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने आकाशवाणी को अपना परिवार बताते हुए कहा कि उनकी संगीत यात्रा की शुरुआत आकाशवाणी के बाल कार्यक्रमों से हुई थी। समारोह में उनके शिष्य एवं प्रख्यात बांसुरी वादक पंडित रूपक कुलकर्णी ने मनमोहक बांसुरी वादन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।



