वित्त वर्ष 2025-26 में ₹345 लाख करोड़ के पार पहुंची भारतीय अर्थव्यवस्था, 5 ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ता भारत
नई दिल्ली, 10 जून। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती और स्थिरता का परिचय देते हुए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश की अर्थव्यवस्था का आकार 345 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है, जिससे भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति और मजबूत करता दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिकॉर्ड स्तर के निर्यात, विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों और सरकार की उद्योगोन्मुखी नीतियों ने आर्थिक विकास को नई गति प्रदान की है।
‘मेक इन इंडिया’ अभियान के सकारात्मक परिणामों के साथ-साथ किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और विनिर्माण क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी ने भी आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। घरेलू उत्पादन क्षमता में वृद्धि और वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की बढ़ती मांग ने निर्यात प्रदर्शन को सशक्त बनाया है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान और नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी जैसी पहलों ने व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन सुधारों से देश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा मिला है।
वीडियो संदेश में महानिदेशालय व्यापार उपचार (DGTR) के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक अमिताभ कुमार ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत की आर्थिक प्रगति उसकी नीतिगत स्थिरता, संरचनात्मक सुधारों और उत्पादन क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाएगा।
भारत की यह आर्थिक उपलब्धि न केवल विकास की गति को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में देश की बढ़ती क्षमता और आत्मविश्वास का भी संकेत देती है।


