डिजिटल स्वास्थ्य सेवा में औरंगाबाद का कमाल, टेली-कंसल्टेशन रैंकिंग में पूरे बिहार में मिला पहला स्थान
औरंगाबाद (बिहार), 11 जुलाई: बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल माध्यम से आम जनता तक पहुंचाने की मुहिम में औरंगाबाद जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार द्वारा जारी नवीनतम टेली-कंसल्टेशन (Tele-consultation) जिला रैंकिंग में औरंगाबाद ने पूरे बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता जिले के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों की पहुंच को दर्शाती है।
जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के कुशल नेतृत्व में जिले ने यह कीर्तिमान स्थापित किया है। आंकड़ों के मुताबिक, 1 जुलाई से 10 जुलाई 2026 के बीच मात्र 10 दिनों के भीतर औरंगाबाद में रिकॉर्ड 15,885 टेली-कंसल्टेशन दर्ज किए गए, जो राज्य के सभी 38 जिलों में सबसे ज्यादा हैं।
लगातार बरकरार है औरंगाबाद का दबदबा
औरंगाबाद जिला इस क्षेत्र में लगातार अपना दबदबा बनाए हुए है। इससे ठीक एक दिन पहले, यानी 1 जुलाई से 9 जुलाई 2026 की रैंकिंग में भी औरंगाबाद 14,124 टेली-कंसल्टेशन के साथ राज्य में शीर्ष पर था। लगातार दो अवधियों में पहले स्थान पर बने रहना यह साबित करता है कि जिले में टेलीमेडिसिन सेवाओं का बुनियादी ढांचा बेहद मजबूत है और लोग इस सुविधा का बढ़-चढ़कर लाभ उठा रहे हैं।
| समय अवधि (वर्ष 2026) | दर्ज टेली-कंसल्टेशन | बिहार में स्थान |
| 1 जुलाई से 9 जुलाई | 14,124 | प्रथम |
| 1 जुलाई से 10 जुलाई | 15,885 | प्रथम |
स्वास्थ्यकर्मियों को मिला इस सफलता का श्रेय
इस शानदार उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने जिला स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारियों, चिकित्सकों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और तकनीकी कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा:
“टेली-कंसल्टेशन सेवा आज के समय में ग्रामीण और गरीब मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसकी मदद से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बिना जिला अस्पताल दौड़े, घर के पास ही विशेषज्ञ डॉक्टरों का परामर्श मिल पा रहा है।”
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि इस डिजिटल स्वास्थ्य सेवा का दायरा और अधिक विस्तृत किया जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जिले के हर आखिरी व्यक्ति तक इस गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य परामर्श का लाभ सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि किसी को भी इलाज के लिए भटकना न पड़े।



