ऑपरेशन ‘साइ-वज्र’ का एक्शन: मथुरा से अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के 2 शातिर सदस्य गिरफ्तार
लखनऊ, 12 जुलाई: उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ को एक और बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान के तहत मथुरा की थाना कोतवाली पुलिस ने देशव्यापी स्तर पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बना रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने 7 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और एक एटीएम कार्ड बरामद किया है। हालांकि, इस गिरोह का मुख्य सरगना अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
कमीशन के खेल में फैला रखा था जाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़े गए दोनों आरोपी मुख्य रूप से ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ और कैश विड्रॉल का काम संभालते थे। गिरोह का मुख्य सरगना देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों से जो ऑनलाइन ठगी करता था, उस रकम को ये दोनों आरोपी अपने बैंक खातों में मंगाते थे। इसके बाद ये एटीएम के जरिए उस काली कमाई को कैश में तब्दील कर मुख्य आरोपी तक पहुंचाते थे। इस पूरी प्रक्रिया के बदले इन्हें मोटा कमीशन मिलता था।
कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के खातों में भारी संदिग्ध लेनदेन मिला है। इन खातों के खिलाफ आंध्र प्रदेश और पंजाब समेत देश के कई राज्यों से साइबर क्राइम की शिकायतें पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, अभी तक के एक मामले में ही करीब 70 हजार रुपये की सीधे तौर पर ठगी की पुष्टि हो चुकी है।
मुख्य सरगना की तलाश तेज
इस बड़ी कामयाबी पर जानकारी देते हुए मथुरा की क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिटी, आसना चौधरी ने बताया कि ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ के तहत यह कार्रवाई साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा:
“यह एक बड़ा अंतर्राज्यीय नेटवर्क है जो भोले-भाले लोगों को डिजिटल फ्रॉड का शिकार बना रहा था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। फरार मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”



