ग्राम पंचायत क्षेत्रों में पट्टों के पंजीयन पर अब नहीं लगेगा स्टाम्प शुल्क: कैबिनेट मंत्री श्री कश्यप

भोपाल, 9 जुलाई: मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और ग्रामीणों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई मंत्रि-परिषद की बैठक में ग्रामीण आबादी के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई।

बैठक में लिए गए फैसलों की आधिकारिक जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित ‘स्वामित्व योजना’ के अंतर्गत मध्य प्रदेश कैबिनेट ने ग्रामीण भाई-बहनों को बड़ी राहत दी है।

स्टाम्प शुल्क और अतिरिक्त उपकर से मिली पूरी छूट

कैबिनेट मंत्री श्री कश्यप के अनुसार, सरकार ने निर्णय लिया है कि अब राज्य के ग्राम पंचायत क्षेत्रों में स्वामित्व योजना के तहत दिए जाने वाले पट्टों के पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) पर किसी भी प्रकार का स्टाम्प शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही, इस योजना के तहत पंचायत क्षेत्रों में देय अतिरिक्त उपकर (सेस) की राशि का वहन भी पूरी तरह से राज्य सरकार स्वयं करेगी।

मंत्रि-परिषद द्वारा राजस्व विभाग की स्वामित्व योजना के अंतर्गत तैयार होने वाले इन अभिलेखों के पंजीयन पर लगने वाले उपकर और अतिरिक्त स्टॉम्प ड्यूटी से पूरी तरह छूट प्रदान करने का फैसला किया गया है।

ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ

सरकार के इस लोक-कल्याणकारी निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। अब तक पट्टों के पंजीयन के समय लगने वाले वित्तीय बोझ से ग्रामीणों को मुक्ति मिलेगी, जिससे वे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपने घरों और जमीनों के आधिकारिक सरकारी दस्तावेज (अभिलेख) प्राप्त कर सकेंगे। इस निर्णय से ग्रामीण अंचलों में संपत्ति से जुड़े विवादों में कमी आएगी और लोग अपनी संपत्ति पर आसानी से बैंक लोन भी प्राप्त कर सकेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *