पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों पर ब्रिटेन में उठी आवाज, सांसदों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर ब्रिटेन में चिंता बढ़ती जा रही है। ब्रिटिश सांसदों ने नागरिकों की मौत और प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध कथित कार्रवाई के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए ब्रिटिश सरकार से इस मुद्दे को पाकिस्तान के समक्ष औपचारिक रूप से उठाने की मांग की है।
ब्रिटिश सांसदों ने इस संबंध में पाकिस्तान के उच्चायुक्त से जवाब मांगा। इसके साथ ही उन्होंने ब्रिटेन के पश्चिम एशिया, अफगानिस्तान और पाकिस्तान मामलों के मंत्री लॉर्ड फाल्कनर के समक्ष भी यह विषय उठाते हुए प्रभावी कूटनीतिक पहल की आवश्यकता पर बल दिया।
लेबर पार्टी के सांसद एंड्रयू पेक्स ने कहा कि वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दे को सरकार के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और इस विषय पर चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान कुछ सांसदों और अन्य प्रतिभागियों ने उन पाकिस्तानी अधिकारियों के विरुद्ध मैग्नित्स्की शैली के प्रतिबंध लगाने की भी मांग की, जिन पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगाए गए हैं। इस प्रकार के प्रतिबंधों के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों की विदेश स्थित संपत्तियां जब्त या स्थगित की जा सकती हैं तथा उनके अंतरराष्ट्रीय यात्रा अधिकारों पर भी रोक लगाई जा सकती है।
ब्रिटिश सांसदों का कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। इस मुद्दे को लेकर ब्रिटेन में राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर चर्चा तेज होती दिखाई दे रही है।



