“सड़क नहीं तो वोट नहीं”: कुरचैड गांव के ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार का ऐलान
हिमाचल प्रदेश के Lahaul and Spiti जिले के उदयपुर उपमंडल स्थित कुरचैड गांव के ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधा सड़क न मिलने पर चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। “सड़क नहीं तो वोट नहीं” के नारे के साथ ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
करीब 15 परिवारों की आबादी वाले इस गांव में आज भी सड़क सुविधा का अभाव है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति तब होती है जब कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है। सड़क न होने के कारण मरीजों को कंधों पर उठाकर लंबी दूरी तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार इलाज के अभाव में रास्ते में ही मरीजों की मौत तक हो चुकी है।
शिक्षा व्यवस्था भी इस समस्या से बुरी तरह प्रभावित है। गांव का स्कूल बंद होने के कारण बच्चों को रोजाना लगभग 16 किलोमीटर दूर पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2000 में सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो सका। बार-बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लगातार उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब मतदान न करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे।


