राजस्थान निकाय चुनाव: टोंक के डारडाहिन्द गांव में चुनाव बहिष्कार का ऐलान, नगर परिषद में शामिल करने से नाराज ग्रामीणों ने मतदान से किया इनकार
टोंक/जयपुर: राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के आगामी चुनावों के बीच टोंक विधानसभा क्षेत्र के डारडाहिन्द गांव में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से चुनाव बहिष्कार की घोषणा की है। परिसीमन के दौरान गांव को ग्राम पंचायत से हटाकर टोंक नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने यह कड़ा कदम उठाया है। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया है कि जब तक गांव को पुनः ग्राम पंचायत का दर्जा बहाल नहीं किया जाता, तब तक न तो कोई ग्रामीण चुनाव लड़ेगा और न ही मतदान करेगा।
बहिष्कार की सूचना पर टोंक एसडीएम सीमा खेतान और तहसीलदार अजित पाल सिंह यादव ग्रामीणों से संवाद करने डारडाहिन्द गांव पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अडिग रहे।
ग्रामीणों के विरोध एवं मांगों से जुड़े मुख्य बिंदु:
- विकास कार्य प्रभावित होने का आरोप: ग्रामीणों का कहना है कि नगर परिषद में शामिल किए जाने के बाद बीते 18 महीनों से गांव में विकास कार्य ठप पड़े हैं और प्रशासनिक स्तर पर उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
- आर्थिक बोझ और सुविधाओं की चिंता: ग्रामीणों का तर्क है कि नगर परिषद के दायरे में आने से स्थानीय सेवाओं और शुल्कों का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा, जबकि बुनियादी सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है।
- नेताओं की बेरुखी पर नाराजगी: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 18 महीने बाद प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे हैं, लेकिन स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधियों ने अभी तक उनकी सुध नहीं ली है।
- गांव में प्रवेश रोकने की चेतावनी: ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने की स्थिति में चुनाव के दिन गांव के प्रवेश द्वार पर ताला लगाने और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।



