भलेई महाविद्यालय के विलय के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, 9 जुलाई को चक्का जाम और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

जिला चंबा के भलेई स्थित राजकीय महाविद्यालय का राजकीय महाविद्यालय चंबा में विलय किए जाने के निर्णय के विरोध में स्थानीय लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के माध्यम से हिमाचल प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय को पुनः संचालित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 9 जुलाई को भलेई–चंबा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम किया जाएगा। साथ ही वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के बहिष्कार का भी ऐलान किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2017 में क्षेत्र की लगभग 15 पंचायतों के विद्यार्थियों को घर के निकट उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भलेई महाविद्यालय की स्थापना की गई थी। महाविद्यालय भवन के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए थे तथा स्थानीय लोगों ने लगभग साढ़े छह बीघा निजी भूमि भी दान में दी थी। इसके बावजूद पर्याप्त शिक्षकीय स्टाफ उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे समय के साथ महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होती गई।

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2022 के बाद शिक्षकों के स्थानांतरण और बाद में अस्थायी नियुक्तियां समाप्त होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई। उनका आरोप है कि सरकार ने स्टाफ की कमी दूर करने के बजाय महाविद्यालय का विलय कर दिया। अब विद्यार्थियों को लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित महाविद्यालयों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और कई छात्र-छात्राओं के सामने शिक्षा जारी रखना कठिन हो गया है।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र महाविद्यालय को पुनः बहाल नहीं करती, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 9 जुलाई को चक्का जाम किया जाएगा तथा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में किसी भी राजनीतिक दल को क्षेत्र में प्रचार नहीं करने दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *