चंडीगढ़ में ईटीटी शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन: भर्ती अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के निलंबन की मांग
चंडीगढ़: पंजाब के शिक्षा विभाग में कथित भर्ती अनियमितताओं और घोटालों के खिलाफ एलिमेंट्री टीचर ट्रेनिंग (ETT) शिक्षकों ने राज्य सरकार के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। अपनी मांगों के समर्थन में लगभग 180 ईटीटी शिक्षकों ने अपने परिजनों के साथ मिलकर चंडीगढ़ स्थित पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आधिकारिक आवास के बाहर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों का मुख्य आरोप है कि शिक्षा विभाग की पिछली भर्ती प्रक्रियाओं में कई स्तरों पर गंभीर विसंगतियां और धांधली हुई हैं। शिक्षकों का कहना है कि वे इन शिकायतों और विभागीय विसंगतियों को लेकर लंबे समय से शांतिपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं, किंतु राज्य प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस व संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया है।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने मांग रखी कि:
- एक प्रशासनिक (आईएएस) रिपोर्ट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए।
- कथित घोटाले तथा अनियमितताओं में संलिप्त जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- भर्ती विवाद के चलते प्रभावित हुए सभी शिक्षकों को अविलंब न्याय दिया जाए।
शिक्षकों के अनुसार, वर्ष 2016 की भर्ती प्रक्रिया में कथित खामियों का हवाला देकर उन्हें पहले सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। यद्यपि न्यायालय के हस्तक्षेप और स्पष्ट आदेशों के बाद उन्हें सेवा में बहाल कर दिया गया, लेकिन मूल भर्ती प्रक्रिया की अनियमितताओं की जवाबदेही तय होना अब भी बाकी है।
प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया जब प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी नोकझोंक व हल्की झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को जबरन मौके से हटाते हुए हिरासत में ले लिया। शिक्षकों ने पुलिस की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी जायज मांगों को रख रहे थे।



