आजीविका मिशन की दीदियां बनेंगी इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की बीसी सखी, गांव-गांव पहुंचेगी बैंकिंग सेवा
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के बीच हुए राष्ट्रीय स्तर के समझौते के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से किया जाएगा। इस पहल के तहत आजीविका मिशन की प्रशिक्षित महिलाओं को बैंकिंग संवाददाता सखी (बीसी सखी) के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को उनके घर के निकट ही सुरक्षित और सुलभ बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
जिला कलेक्टर हर्षल पंचोली एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी के मार्गदर्शन में इस पहल की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षित तथा भारतीय बैंकिंग एवं वित्त संस्थान से प्रमाणित समूह सदस्यों को बीसी सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिलेगा।
इसी क्रम में अनूपपुर स्थित समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और आजीविका मिशन के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बैंक की शहडोल शाखा के प्रबंधक विवेक पाण्डेय और उनकी टीम ने समूह की महिलाओं को बीसी सखी की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा आय के अवसरों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को बायोमेट्रिक उपकरण, सूक्ष्म एटीएम मशीन और पराबैंगनी परीक्षण यंत्र सहित अन्य आवश्यक उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया। साथ ही बैंकिंग सेवाओं, धन हस्तांतरण, बीमा तथा अन्य वित्तीय सुविधाओं के संचालन की तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।
कार्यशाला के दौरान बीसी सखी के रूप में कार्य करने की इच्छुक महिलाओं से आवश्यक दस्तावेजों सहित 20 आवेदन प्राप्त किए गए। इसके अलावा समूह सदस्यों के 20 नए प्रीमियम बैंक खाते भी खोले गए।
जिला परियोजना प्रबंधक शशांक प्रताप सिंह ने बताया कि इस पहल से ग्रामीणों को बैंक शाखाओं के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। सामाजिक कल्याण योजनाओं की राशि, धन हस्तांतरण, बीमा और अन्य बैंकिंग सेवाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को भी नई गति मिलेगी।



