राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्य प्रदेश के 6 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से किया सम्मानित: नवाचार, शोध और दिव्यांग कौशल प्रशिक्षण के लिए मिला सम्मान

नई दिल्ली/भोपाल: शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026’ समारोह में मध्य प्रदेश के छह उत्कृष्ट शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। इस राष्ट्रीय सम्मान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी शिक्षकों को बधाई दी और कहा कि नवाचार, समर्पण और अनुसंधान के जरिए इन शिक्षकों ने प्रदेश को गौरवान्वित किया है

सम्मानित शिक्षकों के प्रमुख योगदान:

  • डॉ. अर्चना शुक्ला: विगत 15 वर्षों से प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और पर्यावरण संरक्षण पर सक्रिय कार्य कर रही हैं। उन्होंने 1,000 से अधिक स्पैरो हाउस स्थापित कराने, पेड़ों की क्यूआर कोड से डिजिटल मैपिंग तथा ‘प्लांट इमोशन’ जैसी नवाचारी परियोजनाएं संचालित की हैं।
  • शैलेन्द्र प्रताप सिंह: सीमित संसाधनों वाले विद्यालय में जनभागीदारी के जरिए विद्यार्थियों की संख्या 69 से बढ़ाकर 202 और उपस्थिति 44% से बढ़ाकर 96% तक पहुंचाई। साथ ही बाल विवाह की रोकथाम और ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम योगदान दिया।
  • संगीता यादव: गणित शिक्षण को व्यावहारिक बनाने के लिए ‘गणितोत्सव’, ‘क्वेस्ट फॉर मैथमेटिक्स’, ‘मैथेमाइंड’ और ‘बैगलेस मैथमेटिक्स डे’ जैसी पहल शुरू की तथा गणित शिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व तकनीक का प्रभावी समावेश किया।
  • प्रो. सौरव दत्ता: आईआईएसईआर (IISER) भोपाल में पादप जीवविज्ञानी के रूप में कार्यरत हैं और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल पौधों के विकास पर उल्लेखनीय शोध कर रहे हैं।
  • रीना गुप्ता: शासकीय संभागीय आईटीआई, उज्जैन में पिछले 16 वर्षों से श्रवण एवं दृष्टिबाधित दिव्यांग विद्यार्थियों को कंप्यूटर व डिजिटल कौशल का प्रशिक्षण देकर रोजगार-स्वरोजगार से जोड़ रही हैं।
  • ज्योतिबाला राठौर: राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान महिला (NSTI), इंदौर में प्रशिक्षण अधिकारी के रूप में छात्राओं को तकनीकी कौशल, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और व्यापक प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध करा रही हैं।

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