यौन शोषण मामले में तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका: दो हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश, 22 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

नई दिल्ली: तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को यौन शोषण के एक मामले में सर्वोच्च न्यायालय से कोई तात्कालिक राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दो सप्ताह की निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित अदालत अथवा जेल प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का स्पष्ट निर्देश जारी किया है।

शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि तेजपाल तय समयावधि के भीतर सरेंडर कर देते हैं, तो उनकी याचिका पर आगामी 22 सितंबर को अगली सुनवाई की जाएगी।

मामले की पृष्ठभूमि एवं प्रमुख कानूनी बिंदु:

  • बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला: वर्ष 2013 के बहुचर्चित यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने 6 अगस्त को तरुण तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कारावास की कठोर सजा सुनाई थी।
  • सुप्रीम कोर्ट में चुनौती: बॉम्बे हाई कोर्ट के दोषसिद्धि एवं सजा के आदेश को चुनौती देते हुए तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी, जिसमें उन्हें अंतरिम राहत न देते हुए पहले सरेंडर करने को कहा गया है।
  • न्यायिक प्रक्रिया: शीर्ष अदालत के इस कड़े रुख के बाद अब तरुण तेजपाल को निर्धारित 14 दिनों की अवधि में कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल जाना होगा, जिसके बाद ही 22 सितंबर को उनकी अपील पर गुण-दोष के आधार पर विचार किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *