भव्य काशी, सुगम काशी: मोदी सरकार ने दी ₹25,445 करोड़ की दो बड़ी सौगात, ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति

लखनऊ/वाराणसी : बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी (वाराणसी) को ट्रैफिक जाम से पूरी तरह निजात दिलाने और यहां के सफर को पहले से ज्यादा तेज व आसान बनाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में वाराणसी के लिए करीब 25,445 करोड़ रुपये की लागत वाली दो बड़ी मेगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी गई है।

हर साल काशी आने वाले करीब 15 करोड़ पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए यह फैसला एक बड़ा ‘गेम चेंजर’ साबित होगा। इन दोनों परियोजनाओं के निर्माण के बाद शहर में यातायात का दबाव बेहद कम हो जाएगा और जो सफर पहले घंटों में तय होता था, वह अब चंद मिनटों में पूरा हो सकेगा।

वाराणसी को बदलने वाले दो बड़े प्रोजेक्ट्स

कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए ये दोनों अत्याधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर शहर के दो प्रमुख हिस्सों को कवर करेंगे:

  • गंगा नदी एलिवेटेड कॉरिडोर: नेशनल हाईवे-19 (NH-19) से वाराणसी रिंग रोड के बीच 46.039 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा। इसकी लागत करीब 14,447.64 करोड़ रुपये है। इस कॉरिडोर के बनने से इस रूट पर यात्रा का समय 60 मिनट से घटकर मात्र 20 मिनट रह जाएगा। इसमें गंगा नदी पर एक शानदार केबल-स्टेड (सिग्नेचर) ब्रिज और काशी विश्वनाथ मंदिर तक सीधे पहुंचने के लिए ट्रैवलर युक्त फुट ओवर ब्रिज भी शामिल है।
  • वरुणा नदी एलिवेटेड कॉरिडोर: वरुणा नदी के समानांतर बनने वाला यह कॉरिडोर 43.218 किलोमीटर लंबा होगा, जो NH-31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। 10,998.32 करोड़ रुपये की लागत वाले इस 4/6-लेन कॉरिडोर से NH-31 से काशी रेलवे स्टेशन तक का सफर 40 मिनट से घटकर सिर्फ 20 मिनट का रह जाएगा।

आर्थिक और पर्यटन विकास को मिलेगी नई गति

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) पर विकसित की जाने वाली ये परियोजनाएं पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई हैं। इन कॉरिडोर के जरिए काशी विश्वनाथ मंदिर, बीएचयू, नमो घाट और वाराणसी के प्रमुख रेलवे स्टेशनों व हवाई अड्डे तक कनेक्टिविटी बेहद मजबूत हो जाएगी।

जाम से मुक्ति मिलने के साथ-साथ यह प्रोजेक्ट पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादों, औद्योगिक वस्तुओं की आवाजाही को आसान बनाकर लॉजिस्टिक्स और व्यापार को एक नई ऊंचाई देगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह परियोजना ‘भव्य काशी’ के साथ ‘सुगम काशी’ के सपने को साकार करेगी।

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