मेरठ में साइबर ठगों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, गैंगस्टर अलाउद्दीन की 2.50 करोड़ की संपत्ति कुर्क
लखनऊ, 12 जुलाई: उत्तर प्रदेश सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत मेरठ पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। मेरठ के थाना लोहियानगर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए शातिर साइबर ठग और गैंग लीडर अलाउद्दीन द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई करीब 2.50 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को कुर्क (जब्त) कर लिया है।
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे के कड़े दिशा-निर्देशों और सीओ कोतवाली संग्राम सिंह के कुशल नेतृत्व में अमल में लाई गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी अलाउद्दीन के खिलाफ साइबर फ्रॉड, धोखाधड़ी और समाज विरोधी गतिविधियों के तहत विभिन्न थानों में कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उसने भोले-भाले लोगों को डिजिटल ठगी का शिकार बनाकर चंद सालों में करोड़ों रुपये का साम्राज्य खड़ा कर लिया था और इसी काली कमाई से मेरठ में भारी-भरकम अचल संपत्ति बनाई थी।
ढोल-नगाड़ों के साथ हुई मुनादी
जिलाधिकारी (डीएम) के आदेश पर उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) की धारा 14(1) के तहत यह जब्तीकरण किया गया। कार्रवाई के दौरान लोहियानगर पुलिस, स्थानीय प्रशासन और तहसील विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। इलाके में ढोल-नगाड़े बजाकर और लाउडस्पीकर से बकायदा मुनादी कराकर स्थानीय लोगों को इस कार्रवाई की जानकारी दी गई, ताकि समाज में अपराधियों के प्रति डर पैदा हो सके। इसके बाद पुलिस ने अवैध रूप से निर्मित संपत्ति पर जब्ती का आधिकारिक नोटिस चस्पा कर उसे पूरी तरह सील कर दिया।
इस बड़ी सफलता पर जानकारी देते हुए सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया कि अलाउद्दीन एक संगठित गिरोह चला रहा था, जो तकनीकी रूप से लोगों को झांसा देकर उनके बैंक खातों से पैसे उड़ाता था। उन्होंने साफ किया कि जिले में सक्रिय अन्य साइबर अपराधियों और माफियाओं को भी चिन्हित किया जा चुका है। आने वाले दिनों में अवैध कमाई से संपत्ति बनाने वाले ऐसे अन्य गिरोहों पर भी इसी तरह की कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।



