मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट डिजिटल पहल के लिए आईसीएमआर को राष्ट्रीय गोल्ड अवॉर्ड

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भारत को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को उसकी प्रमुख डिजिटल पहल ‘आईसीएमआर-एमआईएनडीएस’ के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवॉर्ड 2026 के गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान मानसिक स्वास्थ्य और नशा संबंधी विकारों के प्रभावी डिजिटल प्रबंधन के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया है।

‘आईसीएमआर-एमआईएनडीएस’ पहल का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य और नशा संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान, स्क्रीनिंग और उपचार को गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़ना है। इस एकीकृत डिजिटल प्रणाली के माध्यम से मरीजों को अधिक व्यवस्थित, सुलभ और समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की बढ़ती चुनौतियों के बीच यह पहल समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है और रोगियों को बेहतर परामर्श एवं निगरानी की सुविधा मिल रही है।

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवॉर्ड 2026 में मिला यह गोल्ड अवॉर्ड स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल नवाचार और सुशासन की दिशा में आईसीएमआर के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाया जा सकता है।

सरकार का मानना है कि इस तरह की डिजिटल पहलें ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और अधिक से अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की दिशा में आईसीएमआर की यह पहल एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *