भोपाल संभाग राजस्व रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन करने वाला मध्य प्रदेश का पहला संभाग बनेगा: संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने दिए निर्देश
भोपाल: मध्य प्रदेश का भोपाल संभाग राजस्व रिकॉर्ड का पूर्ण डिजिटलाइजेशन करने वाला राज्य का पहला संभाग बनने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के अंतर्गत संभाग भर के लगभग 25 से 30 लाख राजस्व अभिलेखों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने सोमवार को आयुक्त कार्यालय में आयोजित अधिकारियों व कर्मचारियों की समीक्षा बैठक में इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में संयुक्त आयुक्त (विकास) डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त (राजस्व) भारती देवी मिश्रा सहित सभी शाखा प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रशासनिक कसावट, पारदर्शिता, समयबद्धता और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक एवं प्रशासनिक निर्देशों के प्रमुख बिंदु:
- 25 से 30 लाख रिकॉर्ड्स का डिजिटलाइजेशन: राजस्व अभिलेखों को सुरक्षित, सुलभ और ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर डिजिटलाइजेशन कार्य पूरा किया जाएगा।
- शत-प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली: संभागायुक्त ने कार्यालयीन कार्यों में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए 100% ई-ऑफिस (e-Office) व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए।
- विभागीय पेंडेंसी और माइक्रो प्लानिंग: लंबित प्रकरणों (पेंडेंसी) को समाप्त करने के लिए माइक्रो प्लानिंग तैयार करने और नवाचारों के जरिए तय समय सीमा में कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
- त्वरित जनशिकायत निवारण: आम नागरिकों की शिकायतों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान करने के लिए एक मजबूत रिव्यू (समीक्षा) व ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा।
- सुशासन और संवेदनशीलता: अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और पूर्ण पारदर्शिता के साथ काम करते हुए जिलों में बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।



