बिहार में 12 हरित क्षेत्रीय उपग्रह नगरों के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये का समझौता
बिहार में सुनियोजित शहरी विकास को नई गति देने के उद्देश्य से नगर विकास एवं आवास विभाग और आवास एवं शहरी विकास निगम लिमिटेड के बीच एक लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्तपोषण के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में लोक सेवक भवन स्थित संकल्प सभागार में समझौते का आदान-प्रदान किया गया।
इस समझौते के तहत राज्य में 12 हरित क्षेत्रीय उपग्रह नगर विकसित किए जाएंगे। इन नगरों में आधुनिक आधारभूत संरचना, गुणवत्तापूर्ण आवास, सड़क नेटवर्क, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, हरित क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान तथा अन्य सामाजिक सुविधाओं का समग्र विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस समझौते को बिहार के शहरी विकास के इतिहास में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह परियोजना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि लगभग तीन लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में इन नगरों का विकास किया जाएगा। भूमि उपलब्ध कराने के लिए भूमि साझेदारी मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे किसानों की भी भागीदारी सुनिश्चित होगी। साथ ही भूमि मुआवजे से जुड़े आवेदनों का निस्तारण 30 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी। इसके परिणामस्वरूप प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य योजनाबद्ध और समावेशी शहरीकरण के माध्यम से राज्य की शहरी आबादी का अनुपात 35 प्रतिशत तक पहुंचाना है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना से बिहार का शहरी ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा तथा राज्य आधुनिक और सतत शहरी विकास के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।



