प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल पचपदरा रिफाइनरी राष्ट्र को करेंगे समर्पित, एक लाख छह हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश की पहली हरित क्षेत्र आधारित एकीकृत रिफाइनरी एवं पेट्रोरसायन परिसर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे एक लाख छह हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं में रेलवे, सड़क, ऊर्जा और शहरी परिवहन से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
प्रधानमंत्री सबसे पहले जोधपुर हवाई अड्डे की नई टर्मिनल इमारत का उद्घाटन करेंगे। लगभग 480 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह टर्मिनल प्रतिवर्ष 20 लाख यात्रियों की आवाजाही की क्षमता के साथ विकसित किया गया है। इसके साथ ही वे संशोधित क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना का भी शुभारंभ करेंगे, जिसका उद्देश्य देश में हवाई संपर्क का विस्तार करना और विमानन क्षेत्र को नई गति देना है।
प्रधानमंत्री चूरू–सादुलपुर तथा चूरू–रतनगढ़ रेल दोहरीकरण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा जोधपुर रिंग रोड के दूसरे खंड के चार लेन निर्माण तथा एक हजार मेगावाट क्षमता वाली बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
करीब 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पचपदरा रिफाइनरी में प्रतिवर्ष 90 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का शोधन किया जाएगा। यहां उत्पादित पेट्रोलियम और पेट्रोरसायन उत्पादों का निर्यात भारत सहित विश्व के लगभग 40 देशों में किया जाएगा। रिफाइनरी से जुड़े सहायक उद्योगों के विकास के लिए राजस्थान पेट्रो क्षेत्र भी विकसित किया गया है, जिससे उद्योगों को सीधे कच्चा माल उपलब्ध होगा।
इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग एक लाख 35 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और आधुनिक औद्योगिक क्षमता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जोधपुर और बालोतरा में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। सरकार का मानना है कि पचपदरा रिफाइनरी और इससे जुड़ी परियोजनाएं राजस्थान के औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार और आधारभूत संरचना को नई दिशा प्रदान करेंगी।



