पेट्रोल में 20 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल मिश्रण की फिलहाल कोई योजना नहीं: केंद्र सरकार
केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की सीमा को 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना या निर्णय नहीं है। संसद के मानसून सत्र के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि भविष्य में पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण की मात्रा बढ़ाने से जुड़ा कोई भी कदम उठाने से पहले व्यापक वैज्ञानिक एवं तकनीकी अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा, उद्योग जगत और अन्य सभी संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही इस दिशा में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि E20 (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) कोई अचानक लागू किया गया नया ईंधन नहीं है, बल्कि यह एक लंबी प्रक्रिया का हिस्सा है। भारत में ‘इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल’ (EBP) कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2001 में ही कर दी गई थी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसमें बढ़ोतरी की गई है।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2013-14 में जहां पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण केवल 1.53 प्रतिशत था, वहीं इसे बढ़ाकर वर्ष 2025-26 तक 20 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुंचाया गया है। सरकार का मुख्य ध्यान पर्यावरण संरक्षण, ईंधन आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय बढ़ाने पर है, लेकिन किसी भी अगले बदलाव को पूर्णतः वैज्ञानिक और व्यावहारिक आधार पर ही लागू किया जाएगा।



