झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग, बाबूलाल मरांडी ने दी ‘जेल भरो’ आंदोलन की चेतावनी
नई दिल्ली/रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकियों (FIR) पर सियासी घमासान तेज हो गया है। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे बिना शर्त तत्काल वापस लेने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भ्रष्टाचार और भर्ती घोटालों के विरोध में छात्र लंबे समय से आंदोलनरत थे। अभ्यर्थियों ने विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर व्यापक धरना-प्रदर्शन किया था, जिसके बाद प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।
बाबूलाल मरांडी के बयान के प्रमुख राजनीतिक व प्रशासनिक बिंदु:
- छात्रों को पूर्ण समर्थन: नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि छात्र-छात्राओं को पुलिसिया कार्रवाई या मुकदमों से डरने की कतई आवश्यकता नहीं है, उनकी पार्टी पूरी मजबूती के साथ युवाओं के साथ खड़ी है।
- ‘जेल भरो’ आंदोलन की चेतावनी: मरांडी ने राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों पर दर्ज प्राथमिकियां वापस नहीं ली गईं, तो नौजवानों से जेल जाने से न डरने और राज्यव्यापी ‘जेल भरो’ आंदोलन शुरू करने का आह्वान किया जाएगा।
- पारदर्शिता की जवाबदेही: उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य की सभी प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से आयोजित करना तथा युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों व भविष्य की रक्षा करना सरकार का प्राथमिक दायित्व है।



