उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित मदरसों पर कड़ी कार्रवाई: 17 मदरसे सील, 20 का संचालन कराया गया बंद
देहरादून: उत्तराखंड में निर्धारित शैक्षणिक मानकों और प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से संचालित हो रहे मदरसों के खिलाफ राज्य सरकार का सख्त अभियान जारी है। प्रदेशभर में की गई कार्रवाई के तहत अब तक कुल 17 बिना मान्यता प्राप्त मदरसों को सील कर दिया गया है, जबकि 20 मदरसों का संचालन पूरी तरह से बंद कराया गया है।
इसी कड़ी में देहरादून और नैनीताल जिले के हल्द्वानी में स्थानीय प्रशासन ने व्यापक निरीक्षण के बाद नए सिरे से सीलिंग व बंदी की कार्रवाई की है।
प्रशासनिक कार्रवाई और दिशा-निर्देशों से जुड़े मुख्य बिंदु:
- हल्द्वानी में सीलिंग की कार्रवाई: हल्द्वानी के गौजाजाली और बनभूलपुरा स्थित इंदिरा नगर में बिना मान्यता संचालित मदरसों को प्रशासन द्वारा सील किया गया। हल्द्वानी के नगर मजिस्ट्रेट ए.बी. वाजपेयी ने स्पष्ट किया कि प्रबंधकों द्वारा मान्यता संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहने पर यह कार्रवाई की गई।
- देहरादून में तीन मदरसों का संचालन बंद: राजधानी देहरादून में भी मानकों की अनदेखी कर चलाए जा रहे तीन मदरसों के संचालन को बंद कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
- मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बच्चों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों के खिलाफ विधिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
- प्रदेशव्यापी आंकड़े: अब तक राज्य भर में मानकों का अनुपालन न करने वाले 17 मदरसों को सील और 20 को बंद कराया जा चुका है।



