इंदौर को मेट्रो की बड़ी सौगात: ₹2,850 करोड़ की लागत से 17 किमी लंबे नए कॉरिडोर का शुभारंभ, पीथमपुर से उज्जैन तक विस्तार की योजना
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के लोक परिवहन तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने इंदौर मेट्रो के नए चरण का शुभारंभ किया। ₹2,850 करोड़ की लागत से तैयार यह नया कॉरिडोर ‘सुपर कॉरिडोर-3’ से मालवीय नगर तक 17 किलोमीटर लंबा है, जिसमें कुल 16 आधुनिक स्टेशन शामिल हैं।
समारोह के दौरान अतिथियों ने बटन दबाकर नए चरण का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
परियोजना और विस्तार योजना से जुड़े प्रमुख बिंदु:
- शहरी विकास और कनेक्टिविटी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो विस्तार से शहर के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक स्वरूप मिलेगा। साथ ही, उन्होंने इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना के लिए स्वीकृत ₹18,500 करोड़ के बजट का उल्लेख करते हुए इसे महाराष्ट्र व मुंबई से बेहतर सीधी कनेक्टिविटी के लिए क्रांतिकारी बताया।
- उद्योग और व्यापार को रफ्तार: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस कॉरिडोर को मील का पत्थर करार देते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए समयबद्ध व सुरक्षित साधन बनने के साथ-साथ उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसरों को गति देगा।
- उज्जैन, पीथमपुर और मक्सी तक रीजनल विस्तार: नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इंदौर मेट्रो को भविष्य में औद्योगिक केंद्र पीथमपुर, महू, देवास, उज्जैन और मक्सी तक विस्तारित करने की योजना है। अगले 10 से 15 वर्षों तक क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का कार्य निरंतर जारी रहेगा।
- सौंदर्य संरक्षण के लिए भूमिगत मेट्रो: शहर के ऐतिहासिक और प्रमुख मार्गों के सौंदर्य को बनाए रखने के लिए एमजी रोड जैसे घने व प्रमुख हिस्सों में मेट्रो को भूमिगत (अंडरग्राउंड) संचालित करने का निर्णय लिया गया है।



