नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से भारी तबाही: 22 की मौत, 105 भारतीयों समेत सैकड़ों लापता; पीएम मोदी ने दिया मदद का भरोसा
काठमांडू/नई दिल्ली: नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक भीषण बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने व्यापक तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 22 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 105 भारतीय नागरिकों सहित कुल 384 देशी-विदेशी पर्यटक और यात्री लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे आई इस बाढ़ से संचार और सड़क संपर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है, जिससे बचाव कार्यों में भारी मुश्किलें आ रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से दूरभाष पर वार्ता कर आपदा में हुई जनहानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। पीएम मोदी ने संकट की इस घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता जताते हुए भारत की ओर से हरसंभव मानवीय सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का पूर्ण आश्वासन दिया है।
आपदा, राहत एवं बचाव अभियान से जुड़े प्रमुख बिंदु:
- लापता पर्यटकों व नागरिकों का विवरण: कुल 384 लापता लोगों में 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता भारतीयों में ‘सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स’ के 59 और ‘लिआ हॉलिडे’ के 46 यात्री शामिल हैं, जबकि ‘हिमालयन ग्लेशियर’ से जुड़े 37 एनआरआई (NRI) भी संपर्क से बाहर हैं।
- सुरक्षा बल और हाइड्रोपावर कर्मचारी प्रभावित: रसुवा के टिमुरे इलाके से नेपाल पुलिस व सशस्त्र पुलिस बल के 32 जवान और कस्टम कार्यालय के 15 कर्मचारी लापता हैं। इसके अलावा, लांगटांग खोला 20 मेगावाट हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के टनल में कार्यरत इंजीनियरों व श्रमिकों सहित करीब 60 लोग संपर्क से बाहर हैं।
- सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन: नेपाली सेना ने अब तक 88 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। राहत कार्य में 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं, हालांकि प्रतिकूल मौसम के कारण हवाई उड़ानों में बाधा आ रही है।
- भारत का कूटनीतिक समन्वय: भारतीय विदेश मंत्रालय, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और नेपाल सरकार के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है तथा आवश्यक राहत सामग्री भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
- आपातकालीन हेल्पलाइन: नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने सहायता व समन्वय के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किए हैं।




