रक्षाबंधन से पहले उत्तर प्रदेश में 3.54 लाख रसोइया बहनों को बड़ा तोहफा: सीएम योगी आदित्यनाथ ने की 4 बड़ी घोषणाएं
लखनऊ: रक्षाबंधन के पावन पर्व से पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत 3.54 लाख रसोइया बहनों को चार बड़े उपहारों की सौगात दी है। रविवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन कल्याणकारी योजनाओं व घोषणाओं का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइया बहनें बच्चों के पोषण और उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रही हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा घोषित चार प्रमुख कल्याणकारी उपाय:
- मानदेय में वृद्धि: रसोइया माताओं-बहनों का मासिक मानदेय ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रतिमाह कर दिया गया है।
- दुर्घटना बीमा व आर्थिक सहायता: किसी अप्रिय घटना, दुर्घटना, पूर्ण दिव्यांगता अथवा मृत्यु होने की स्थिति में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के माध्यम से पीड़ित परिवार को ₹2 लाख की तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- मुफ्त कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा: रसोइयों और उनके परिजनों के इलाज के लिए सरकारी एवं सूचीबद्ध (इम्पैनल्ड) निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा (स्वास्थ्य बीमा) उपलब्ध कराई जाएगी।
- पोशाक राशि दोगुनी: रसोइयों के परिधान (ड्रेस) के लिए मिलने वाली वार्षिक राशि को ₹500 से दोगुना कर ₹1,000 कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 9 वर्ष पूर्व रसोइयों को मात्र ₹1,000 मानदेय मिलता था, जिसका भुगतान भी नियमित रूप से नहीं होता था। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना और डीबीटी (DBT) के माध्यम से अब पूरी राशि सीधे लाभार्थियों के एसबीआई खातों में पारदर्शी तरीके से भेजी जा रही है। सीएम योगी ने आश्वस्त किया कि ‘डबल इंजन’ की सरकार रसोइयों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।



