राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ने दी ‘डॉक्टरेट’ की मानद उपाधि, भारतीयों को समर्पित किया सम्मान
नई दिल्ली / बुखारेस्ट: रोमानिया की प्रतिष्ठित ‘बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक स्टडीज’ ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को डॉक्टरेट की मानद उपाधि (Honorary Doctorate) से सम्मानित किया है। उन्हें यह सम्मान विशिष्ट सार्वजनिक सेवा, शिक्षा एवं सामाजिक समावेश के प्रति प्रतिबद्धता और भारत-रोमानिया संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में उनके अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
इस प्रतिष्ठित सम्मान को स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इसे भारत की 1.4 अरब जनता को समर्पित किया और कहा कि यह उपाधि दोनों देशों के बीच अटूट मित्रता का जीवंत प्रतीक है। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने शिक्षा को जीवन की सबसे परिवर्तनकारी शक्ति करार दिया। उन्होंने अपने गांव से निकलकर पहली लड़की के रूप में कॉलेज जाने और फिर भारत की राष्ट्रपति बनने तक की अपनी प्रेरक यात्रा को साझा करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज में समानता लाने का सबसे सशक्त माध्यम है।
अकादमिक सहयोग और प्रौद्योगिकी पर बल
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और तीव्र तकनीकी बदलावों के दौर का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वविद्यालयों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि ज्ञान का मार्ग हमेशा विवेक, नैतिकता और करुणा से निर्देशित हो। उन्होंने भारत और रोमानिया के बीच अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रोमानिया के लिए ITEC प्रशिक्षण सीटों की संख्या दोगुनी करने की घोषणा की, जिसमें एआई जैसे उभरते हुए क्षेत्र भी शामिल होंगे।
समारोह में विश्वविद्यालय की सीनेट के अध्यक्ष प्रोफेसर घेओर्गे हर्डुज़ेउ ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु को यह उपाधि प्रदान करना उनके असाधारण करियर और जनसेवा के प्रति सम्मान प्रकट करना है। अपने रोमानिया दौरे के दौरान राष्ट्रपति ने गांव के संग्रहालय का दौरा भी किया और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अंतर्गत पौधारोपण किया।



