उत्तराखंड का नाम रोशन: गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ को मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में प्रतिष्ठित ‘रजत कमल’, सीएम धामी ने दी बधाई
देहरादून, 19 जुलाई: उत्तराखंड के क्षेत्रीय सिनेमा और सांस्कृतिक जगत के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (National Film Awards) की घोषणा के साथ ही देवभूमि उत्तराखंड के खाते में एक बड़ी उपलब्धि आई है। मशहूर गढ़वाली फीचर फिल्म ‘ढोली’ को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फीचर फिल्म के रूप में चुना गया है और इसे प्रतिष्ठित ‘रजत कमल पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है।
यह गौरवशाली सम्मान मिलने से उत्तराखंड के कला और फिल्म जगत में भारी उत्साह और खुशी का माहौल व्याप्त है।
गढ़वाल के पारंपरिक ढोल वादकों के संघर्ष की गाथा
सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली फिल्म ‘ढोली’ की कहानी सीधे तौर पर उत्तराखंड की मिट्टी और उसकी परंपराओं से जुड़ी हुई है।
- कहानी का मुख्य आधार: यह पूरी फिल्म गढ़वाल क्षेत्र के पारंपरिक ढोल वादक और उसके परिवार के जीवन, उनकी जीविका तथा उनके द्वारा किए जाने वाले कड़े सामाजिक व आर्थिक संघर्षों पर आधारित है।
- लोक संगीत की अनूठी छाप: फिल्म को खास और जीवंत बनाने में इसके संगीत का बहुत बड़ा योगदान रहा है। फिल्म के सभी गीतों को उत्तराखंड के बेहद प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने अपनी जादुई आवाज से सजाया है।
यह हमारी लोक संस्कृति और विरासत का सम्मान: सीएम पुष्कर सिंह धामी
फिल्म ‘ढोली’ को राष्ट्रीय मंच पर यह ऐतिहासिक गौरव मिलने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसन्नता व्यक्त की है और फिल्म के निर्माताओं, निर्देशक, कलाकारों समेत पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा:
- यह राष्ट्रीय सम्मान केवल एक फिल्म का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की समृद्ध लोकभाषा, अनुपम लोक संस्कृति और हमारी ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है।
- यह गौरवशाली उपलब्धि प्रदेश के उभरते हुए फिल्म उद्योग, स्थानीय निर्देशकों और कलाकारों के लिए एक महान प्रेरणा का काम करेगी तथा गढ़वाली सिनेमा को वैश्विक स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान देगी।
- राज्य सरकार अपनी नई और सुदृढ़ फिल्म नीति के माध्यम से प्रदेश के भीतर फिल्म निर्माण को लगातार बढ़ावा दे रही है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को आगे बढ़ने के सुनहरे व नए अवसर मिल रहे हैं।



