अधिकारों की लड़ाई: नकटी गांव के विस्थापितों के हक में कांग्रेस की पदयात्रा, पुलिस ने तेलीबांधा पर रोका
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज विस्थापितों के अधिकारों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया। नकटी गांव के विस्थापित परिवारों को न्याय दिलाने और उनके पुनर्वास की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आज एक विशाल पदयात्रा का नेतृत्व किया। विस्थापित ग्रामीणों के साथ शुरू हुई यह पदयात्रा जैसे ही तेलीबांधा चौक के पास पहुंची, वहां पहले से मुस्तैद पुलिस बल ने बैरिकेड्स लगाकर आंदोलनकारियों को रोक लिया।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने सड़क पर ही बैठकर जोरदार नारेबाजी की और प्रदेश सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कांग्रेस शिष्टमंडल ने प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
सरकार तुरंत बनाकर दे पक्के मकान: दीपक बैज
विस्थापितों को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नकटी गांव के प्रभावित परिवारों को बिना किसी ठोस व्यवस्था के बेघर कर दिया गया है, जो सरासर अन्याय है। बैज ने पुरजोर मांग की कि सरकार नकटी के सभी प्रभावितों को अविलंब पक्के मकान बनाकर दे, ताकि वे अपने परिवारों के साथ सम्मानजनक जीवन जी सकें।
कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने विस्थापितों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने विस्थापितों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- नकटी गांव के सभी विस्थापित परिवारों को रहने के लिए तत्काल पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएं।
- जब तक स्थाई आवास की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक प्रभावितों के लिए वैकल्पिक ठहरने और भोजन का उचित प्रबंध हो।
- विस्थापन के कारण प्रभावित हुए बच्चों की शिक्षा और परिवारों के रोजगार का नुकसान न हो, इसके लिए विशेष आर्थिक सहायता दी जाए।
इस पदयात्रा में नकटी गांव के सैकड़ों पीड़ितों के साथ-साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।



