बालाघाट में प्रशासन की तत्परता से टला बाल विवाह, परिजनों को कानूनी प्रावधानों की दी गई जानकारी

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले की कटंगी तहसील के समीप स्थित एक गांव में प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बाल विवाह होने से रोक दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने समय पर मौके पर पहुंचकर विवाह की तैयारियां रुकवाईं और संबंधित परिवार को बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों एवं उसके दुष्परिणामों की जानकारी दी।

प्रशासन को बाल विवाह की सूचना मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम तत्काल गांव पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया कि बाल विवाह कानूनन दंडनीय अपराध है और इससे बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

टीम ने परिवार के सदस्यों को बाल विवाह प्रतिषेध कानून के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित आयु से पहले विवाह कराना या उसमें सहयोग करना कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है। अधिकारियों ने बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के महत्व पर भी जोर दिया।

परिजनों ने प्रशासन की समझाइश के बाद विवाह समारोह को स्थगित करने पर सहमति जताई। इसके बाद अधिकारियों ने संबंधित परिवार को भविष्य में बाल विवाह न कराने और बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

जिला प्रशासन ने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन या महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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