योगी सरकार ने शुरू किया संपत्ति रजिस्ट्री का ई-पंजीकरण मॉड्यूल, अब ऑनलाइन होगी रजिस्ट्री प्रक्रिया

नई दिल्ली/लखनऊ, 9 जून। उत्तर प्रदेश में जमीन और मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संपत्ति पंजीकरण के लिए ई-पंजीकरण मॉड्यूल लागू किया गया है, जिसके माध्यम से अब कई श्रेणियों की संपत्तियों की रजिस्ट्री ऑनलाइन की जा सकेगी।

नई व्यवस्था के तहत विकास प्राधिकरणों, आवास विकास परिषद तथा अन्य अधिकृत संस्थाओं द्वारा आवंटित संपत्तियों के पंजीकरण की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जा सकेगी। इससे नागरिकों को रजिस्ट्रार कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और समय के साथ-साथ संसाधनों की भी बचत होगी।

राज्य सरकार का कहना है कि यह पहल ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने के साथ-साथ सरकारी सेवाओं को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ई-पंजीकरण प्रणाली से दस्तावेजी प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और संपत्ति पंजीकरण से जुड़े कार्यों में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय आमजन से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण कार्यालय हैं, इसलिए वहां की व्यवस्थाओं को आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक केंद्रित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने उप निबंधक कार्यालयों को चरणबद्ध तरीके से पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर विकसित करने पर भी जोर दिया, ताकि लोगों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं मिल सकें।

सरकार को उम्मीद है कि ई-पंजीकरण मॉड्यूल के लागू होने से संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया अधिक सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी तथा नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक अनुभव प्राप्त होगा।

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