गोवा में अनुसूचित जनजाति समुदाय को मिलेगा राजनीतिक आरक्षण, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना

नई दिल्ली: गोवा के आदिवासी समुदाय की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने ‘गोवा के विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुनर्समायोजन अधिनियम, 2025’ को लागू करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। भारत के राजपत्र (Gazette of India) में प्रकाशित इस अधिसूचना के साथ ही यह कानून प्रभावी हो गया है, जिससे राज्य की विधानसभा में अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के लिए सीटों के आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है।

इस अधिनियम के लागू होने के साथ ही गोवा में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्समायोजन (delimitation) और आरक्षण की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है

इस महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत करते हुए गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने इसे एक ऐतिहासिक न्याय बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह कदम अनुसूचित जनजाति समुदायों को उनका वाजिब राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। मुख्यमंत्री ने इस वादे को पूरा करने और कानून को धरातल पर उतारने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया और इसे “सबका साथ, सबका विकास” की नीति का प्रतीक करार दिया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *