बुद्ध पूर्णिमा पर देशभर में श्रद्धा का माहौल, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दीं शुभकामनाएं
आज भगवान गौतम बुद्ध की 2570वीं जयंती के अवसर पर बुद्ध पूर्णिमा देशभर में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है। वैशाख पूर्णिमा का यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था। इस कारण इसे “त्रिविध पावन पर्व” भी कहा जाता है।
मान्यता के अनुसार, भगवान बुद्ध का जन्म लुम्बिनी में हुआ, उन्हें ज्ञान बोधगया में प्राप्त हुआ और कुशीनगर में उन्होंने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि बुद्ध पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि शांति, करुणा और सत्य का संदेश देने वाला उत्सव है। वहीं उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के आदर्श समाज में शांति और एकता को मजबूत करते हैं। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी देशवासियों को इस पावन अवसर पर बधाई दी।
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर देशभर के बौद्ध मठों और मंदिरों में विशेष पूजा, ध्यान और उपासना के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं लोग सामाजिक सद्भाव और मानव कल्याण के लिए विभिन्न गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।


