पंचायती राज की चार पहलें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार-2026 के लिए चयनित, डिजिटल ग्रामीण शासन को मिली राष्ट्रीय पहचान

नई दिल्ली, 12 जून। पंचायती राज मंत्रालय की डिजिटल पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पंचायती राज से संबंधित चार महत्वपूर्ण पहलों का चयन राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार-2026 के लिए किया गया है। यह उपलब्धि ग्राम पंचायतों की डिजिटल शासन प्रणाली को मजबूत करने और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के प्रभावी विस्तार में उनकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।

मंत्रालय के अनुसार, ‘डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में डेटा एनालिटिक्स के उपयोग द्वारा डिजिटल बदलाव’ श्रेणी में पंचायत उन्नति सूचकांक को स्वर्ण पदक के लिए चुना गया है। यह सूचकांक स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) से जुड़े विभिन्न संकेतकों के आधार पर देशभर की ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है और ग्रामीण विकास की प्रगति का आकलन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

वहीं, महाराष्ट्र के सांगली जिले की कडेपुर ग्राम पंचायत ने उत्कृष्ट डिजिटल प्रशासन और जनसेवा के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया है। दूसरी ओर, त्रिपुरा के पश्चिमी त्रिपुरा जिले की बिजॉय नगर ग्राम पंचायत को ग्राम पंचायतों द्वारा जमीनी स्तर पर सेवा वितरण की श्रेणी में रजत पदक के लिए चुना गया है।

मंत्रालय ने बताया कि ये सम्मान ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल तकनीकों के अभिनव उपयोग और आम नागरिकों तक प्रभावी सार्वजनिक सेवाएं पहुंचाने के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना का प्रतीक हैं।

इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र के जिला परिषद नंदुरबार के स्वास्थ्य विभाग को उसकी ‘ई-आरोग्य’ पहल के लिए जिला स्तरीय ई-गवर्नेंस पहल श्रेणी में स्वर्ण पदक प्रदान किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल उपकरणों का प्रभावी उपयोग कर सेवा वितरण को बेहतर बनाया गया है।

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार-2026 का वितरण आगामी 1 और 2 जुलाई को राजस्थान के जयपुर में आयोजित होने वाले 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान किया जाएगा। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “विकसित भारत 2047: एआई-सक्षम, डेटा-संचालित और सुरक्षित डिजिटल शासन” निर्धारित की गई है।

पुरस्कारों के तहत स्वर्ण पदक विजेताओं को 10 लाख रुपये, जबकि रजत पदक विजेताओं को 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इन संसाधनों का उपयोग संबंधित परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को और मजबूत बनाने में किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *