प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बनाई वैश्विक पहचान: सुरेश खन्ना
लखनऊ/वाराणसी, 13 जून। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी एक मजबूत और विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने विकास, जनकल्याण और सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा भी सशक्त हुई है।
वाराणसी के सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं को देश का सेवक मानते हुए शासन व्यवस्था को जनहित से जोड़ने का कार्य किया है। उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत सुधार किए गए, जिनका लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचा है।
उन्होंने युवाओं के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि दस्तावेजों के स्व-प्रमाणीकरण की व्यवस्था लागू किए जाने से युवाओं को अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिली है और सरकारी प्रक्रियाएं अधिक सरल एवं पारदर्शी बनी हैं।
सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारतीय योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली और संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी गई। आज दुनिया के अनेक देशों में योग को स्वास्थ्य और जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को लाभ मिला है, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत लाखों बेटियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जनता की भागीदारी और सरकार की प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर हंसराज विश्वकर्मा, पूनम मौर्या सहित कई जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।


