अल नीनो की दस्तक से चावल-गेहूं समेत कई फसलों पर मंडराया संकट, भारत का मजबूत बफर स्टॉक देगा राहत
नई दिल्ली: विश्वभर में अल नीनो (El Niño) के सक्रिय होने के बाद कृषि फसलों पर मौसम की मार का खतरा काफी बढ़ गया है। मौसम में आए इस बदलाव से चावल, गेहूं, कोको, पाम ऑयल, चीनी और रोबस्टा कॉफी जैसी प्रमुख खाद्य फसलों का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका प्रभाव प्रत्येक फसल और क्षेत्र के मौसम पर अलग-अलग देखने को मिलेगा।
फिच सॉल्यूशंस की रिसर्च इकाई ‘बीएमआई’ (BMI) के अनुसार, इस संकट में सबसे बड़ी चिंता चावल की फसल को लेकर है। वैश्विक स्तर पर चावल का अतिरिक्त स्टॉक सीमित है और इसके उत्पादन तथा निर्यात का बड़ा हिस्सा एशियाई देशों पर निर्भर करता है, जहां मौसम की अनिश्चितता का असर तुरंत फसलों पर दिखाई देता है।
हालांकि, भारत के मजबूत बफर स्टॉक ने इस संकट के बीच वैश्विक व घरेलू स्तर पर बड़ी राहत दी है:
- चावल भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि: BMI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का चावल भंडार वर्ष 2023-24 में कुल खपत के 30.1 प्रतिशत के बराबर था, जो 2026-27 में बढ़कर अनुमानित 42.2 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
- निर्यात प्रतिबंधों से बचाव: पर्याप्त और बढ़ा हुआ स्टॉक होने के कारण भारत को इस बार चावल निर्यात पर अचानक पाबंदी लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
- कीमतों में स्थिरता: वर्ष 2023-24 में चावल की कीमतों में आई भारी तेजी का मुख्य कारण निर्यात प्रतिबंध थे, लेकिन इस बार मजबूत भंडार होने से ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना बेहद कम है।



