लोहरदगा में विधिक सशक्तिकरण का महापर्व, 30 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण
झारखंड के लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड में जनसामान्य को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने के उद्देश्य से ‘मेगा विधिक सशक्तिकरण शिविर सह पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में झारखंड उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और अपने संबोधन में शिक्षा को सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी बताते हुए बच्चों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।
न्यायमूर्ति ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में संतुलित विकास की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि विकास के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।
शिविर में विभिन्न विभागों जैसे कृषि, ग्रामीण आजीविका, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को योजनाओं की जानकारी दी गई और लाभार्थियों के बीच लगभग 30 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकमल मिश्रा और उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने भी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किए।
यह शिविर न केवल विधिक जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बना, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और विकास की दिशा भी प्रदान कर गया।


