ओडिशा में बाढ़: हालात में सुधार के बीच निचले इलाकों में संकट बरकरार, मुख्यमंत्री माझी ने तैनात किए 4 मंत्री
ओडिशा में लगातार बनी बाढ़ की स्थिति में अब धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं, हालांकि महानदी बेसिन (Mahanadi Basin) में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण निचले और तटीय इलाकों पर संकट अब भी मंडरा रहा है। कटक जिले में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहाँ महानदी का जलस्तर बढ़ने से पानी ऐतिहासिक ‘अंशुपा झील’ में प्रवेश कर गया है। इसके चलते झील किनारे स्थित पार्क और नौका टिकट केंद्र पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।
राज्य सरकार कटक, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और खुर्दा समेत सभी बाढ़ प्रभावित जिलों में हालात पर निरंतर नज़र बनाए हुए है। राहत और पुनर्वास (Relief and Rehabilitation) कार्यों की प्रभावी निगरानी और त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य के चार मंत्रियों को मोर्चे पर तैनात किया है।
बाढ़ प्रभावित ग्रामीण इलाकों में कई परिवार अब भी भोजन, पेयजल और आश्रय की समस्याओं से जूझ रहे हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरण तेज़ कर दिया है। इसके साथ ही, मौसम और नदियों के जलस्तर के रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने निचले व तटीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है।



