हरोली में प्रदेश का पहला ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक शुरू, लाइसेंस प्रक्रिया होगी डिजिटल
ऊना: हिमाचल प्रदेश के उन्ना जिले के हरोली के रोड़ा क्षेत्र में प्रदेश का पहला ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और ट्रैफिक पार्क जनता को समर्पित किया गया। इस अत्याधुनिक परियोजना का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया।
करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह ट्रैक राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस व्यवस्था से मानव हस्तक्षेप कम होगा और ड्राइविंग कौशल का सही एवं वैज्ञानिक तरीके से मूल्यांकन संभव हो सकेगा।
इसके साथ ही बनाए गए ट्रैफिक पार्क का उद्देश्य आम जनता, विशेषकर युवाओं और स्कूली बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। यहां लोग वास्तविक परिस्थितियों में सड़क सुरक्षा और नियमों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में प्रदेश में ऐसे पांच और ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक स्थापित किए जाएंगे, जिससे पूरे राज्य में परिवहन व्यवस्था और अधिक आधुनिक और पारदर्शी बन सकेगी।
इस अवसर पर उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर भी प्रतिक्रिया दी और इसे भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे का गलत तरीके से उपयोग कर लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं।
इस नई पहल से हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा और लाइसेंसिंग प्रणाली में बड़ा सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।


