राज्यपाल ने ‘प्रज्ञा बिहार’ जर्नल के प्रथम अंक का किया लोकार्पण, बिहार की समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर लाने का दिया संदेश
पटना, 04 अगस्त : बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने बिहार लोक भवन स्थित दरबार हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान शोध एवं बौद्धिक पत्रिका ‘प्रज्ञा बिहार’ के प्रथम अंक का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने ‘प्रज्ञा बिहार’ को शोध, विद्वता और गंभीर बौद्धिक विमर्श को प्रोत्साहित करने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण मंच करार दिया।
राज्यपाल ने बिहार के स्वर्णिम इतिहास का स्मरण कराते हुए कहा कि यह प्रदेश प्राचीन काल से ही ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और सभ्यता का वैश्विक केंद्र रहा है। उन्होंने नालंदा और विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक और कालजयी शिक्षा केंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संस्थानों ने पूरे विश्व को ज्ञान का आलोक दिखाया है। राज्यपाल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामरिक विरासत को आधुनिक एवं नए दृष्टिकोण के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की महती आवश्यकता है।
पत्रिका के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह जर्नल बिहार की बौद्धिक परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर और समकालीन विषयों पर उच्च गुणवत्ता वाले शोध तथा विचार-विमर्श को एक नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ‘प्रज्ञा बिहार’ के माध्यम से शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और विद्यार्थियों को अपने वैचारिक दृष्टिकोण साझा करने का एक सशक्त अवसर प्राप्त होगा। साथ ही, उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि यह प्रकाशन शीघ्र ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित करने में सफल रहेगा।
इस गरिमामय लोकार्पण समारोह में बिहार लोक भवन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख शिक्षाविद, शोधकर्ता तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।



