पेपर लीक पर कसता शिकंजा: लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर लोकसभा में आज फिर होगी चर्चा
देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से संसद में विधायी प्रक्रिया तेज हो गई है। लोकसभा में आज लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर पुनः विस्तृत चर्चा शुरू होगी। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस विधेयक को सदन के विचार और पारित कराने के लिए पेश किया था। यह नया विधेयक वर्ष 2024 के मूल अधिनियम में संशोधन के रूप में लाया गया है।
संसद में पेश इस संशोधन विधेयक में दोषियों के खिलाफ कड़े दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसमें अपराधियों को 10 वर्ष तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने जैसे सख्त नियम तय किए गए हैं। मुकदमों के शीघ्र और समयबद्ध निपटारे के लिए प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में दैनिक आधार पर सुनवाई करने वाली विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों (Fast Track Courts) के गठन का प्रावधान रखा गया है।
विधेयक के अनुसार, पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज होने की तिथि से दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी, जबकि चार्जशीट (अभियोग पत्र) दाखिल होने के तीन महीने के भीतर सुनवाई संपन्न करनी अनिवार्य होगी।
सदन को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह विधेयक देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों के भविष्य एवं कल्याण के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान हुई पेपर लीक की घटनाओं का संदर्भ देते हुए स्पष्ट किया कि कठोर कानूनों के अभाव को दूर करने के लिए ही यह ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है।



