पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य हमलों पर भारत चिंतित, तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की अपील
नई दिल्ली, 8 जून। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष और हालिया हमलों के बीच भारत ने क्षेत्र की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से तत्काल तनाव कम करने तथा कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि लंबे समय से जारी संघर्ष ने गंभीर मानवीय संकट को जन्म दिया है और इसके प्रभाव क्षेत्रीय सीमाओं से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर पर महसूस किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को सौ दिन से अधिक समय हो चुका है, जिसके कारण बड़ी संख्या में नागरिक प्रभावित हुए हैं और व्यापक मानवीय पीड़ा उत्पन्न हुई है। मंत्रालय ने हाल के सैन्य घटनाक्रमों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि हिंसा और अस्थिरता का यह दौर क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए चुनौती बना हुआ है।
भारत ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि संघर्ष का प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ रहा है। मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा हालात न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक आर्थिक संतुलन के लिए भी जोखिम पैदा कर रहे हैं।
भारत ने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तनाव कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है। साथ ही, शांति एवं स्थिरता की बहाली के लिए जारी वार्ताओं को आगे बढ़ाते हुए कूटनीतिक और संवाद आधारित समाधान तलाशने पर बल दिया गया है।
भारत ने दोहराया कि क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा का मार्ग केवल बातचीत, कूटनीति और पारस्परिक सहयोग के माध्यम से ही संभव है।


